ये हैं बिहार के स्मार्ट किसान जिन्होंने नौकरी छोड़ शुरू की खेती-किसानी, अब कमाते हैं 80 लाख सालाना

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बिहार: हम दशकों से सुनते आए हैं भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ के किसान खेत में उगने वाले पौधों को अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करते हैं। बारिश हो या तपती धूप वह कभी भी अपने खेतों में जाने से हिचकते नहीं हैं। यही वज़ह है कि आज देश बड़े सम्मान के साथ उन्हें ‘अन्नदाता’ कहकर पुकारता है।

आज भी हम आपको एक ऐसे ही स्मार्ट अन्नदाता से जुड़ी ख़बर के बारे में बताने जा रहे हैं। ये किसान इतने स्मार्ट है कि इन्होंने अपने खेतों में सीसीटीवी कैमरे तक लगवा रखे हैं। ये आधुनिक तकनीक के साथ खेती करते हैं जिससे इनकी लागत भी कम आती है और आमदनी भी लाखों में होती है। आइए जानते हैं क्या है इस किसान की कहानी।

सुधांशु कुमार (Farmer Sudhanshu kumar)

इस सफल किसान का नाम है सुधांशु कुमार (Farmer Sudhanshu kumar) । ये बिहार के समस्तीपुर (Samastipur) जिले के रहने वाले हैं। पहले ये टाटा टी में नौकरी किया करते थे। लेकिन इन्हें नौकरी रास नहीं आई, इसलिए नौकरी छोड़ आज 70 बीघा में खेती करते हैं। खेती भी पूरे तरीके से स्मार्ट पद्धति को अपनाकर करते हैं। जिससे इन्हें वर्तमान में 80 लाख तक की सालाना आमदनी हो जाती है।

कैमरों से करते हैं खेतों में सिंचाई की निगरानी

सुधांशु की ये बात जानकर आप हैरान रह जाएंगे। क्योंकि सुधांशु ने अपने खेतों में सिंचाई पर नज़र रखने के लिए कैमरे की व्यवस्था की है। वह खेतों में सिंचाई के लिए माइक्रो स्प्रिंकलर एवं टपकन प्रणाली का उपयोग करते हैं। इससे उनके बागानों में लगे लीची के पौधों को उचित तापमान मिलता रहता है। उन्होंने अपने खेत में ब्रॉडबैंड इंटरनेट की व्यवस्था की है। ताकि कैमरे बेहतर ढंग से काम कर सकें। इसकी मदद से वह अपने घर बैठकर भी अपने पूरे खेत की निगरानी कर सकते हैं।

70 बीघा में लगे हैं 27 हज़ार पेड़

सुधांशु बहुत बड़े पैमाने पर तरह-तरह की खेती करते हैं। उन्होंने खेत की 70 बीघा ज़मीन पर लगभग 27 हज़ार पेड़ लगा रखे हैं। इन पेड़ों में अमरूद, मौसमी, नींबू, शरीफा, लीची, केला, जामुन, बेर, बेल, चीकू, कटहल एवं मीठी इमली जैसे तमाम फल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सबसे ज़्यादा आमदनी उन्हें लीची के फलों से लगभग 50 लाख तक की हो जाती है। साथ ही आम से लगभग 13 लाख, केले से 35 लाख एवं अन्य दूसरे पौधों से भी अधिक लाभ होता है। Micro Sprinkler & Percolation System की अपनाई इस खेती से वर्तमान में उनकी कुल सालाना आय लगभग 80 लाख से अधिक होती है।

कड़कनाथ मुर्गे का भी है काम

सुधांशु खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। इसमें उन्होंने अपने डेयरी फार्म में तमाम तरह की गाय पाली हुई है। जिससे वह अपनी डेयरी चलाते हैं। उन्होंने फिलहाल अपना पोल्ट्री फार्म (Micro Sprinkler & Percolation System) भी खोला हुआ है। जिसमें वह कड़कनाथ मुर्गे का पालन करते हैं। क्योंकि कड़कनाथ मुर्गा दूसरे सभी मुर्गों से काफ़ी महंगा बिकता है।

सीएम भी इनके खेतों का ले चुके हैं जायजा

सुधांशु कुमार (Farmer Sudhanshu kumar) की खेती आज बिहार में बेहद लोकप्रिय है। इसी लोकप्रियता के चलते बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी उनके खेतों का जायजा ले चुके हैं। आज वह अपनी पंचायत नया नगर के बतौर मुखिया भी अपने गाँव में काम करते हैं। आपको बता दें कि उन्हें बेहतरीन खेती के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। इन पुरस्कारों में उन्हें साल 2010 में जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार शामिल है। साथ ही बेस्ट मैंगो ग्रोअर अवार्ड, रोल मॉडल अवार्ड और माधवी-श्याम एजुकेशनल ट्रस्ट के न्यासी बोर्ड भी प्राप्त है। साल 2014 में उन्हें महिन्द्रा समृद्धि इंडिया एग्री अवार्ड्स से भी नवाजा जा चुका है।

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