जानिए जापान की 12 अनोखी चीज़ों और तकनीकों के बारे में जो सिर्फ़ जापान में ही देखने को मिलेगा

    0
    118933

    हर देश की अपनी कुछ विशेषताएँ होती हैं। भारत की कुछ और है तो वहीं अमेरिका, चाइना और बाक़ी देशों की कुछ और विशेषताएँ हैं। लेकिन आज हम बताने वाले हैं जापान जैसे शांतिप्रिय देश की कुछ ख़ास बातों को। यहाँ की तेज रफ़्तार वाली बुलेट ट्रेन और टेक्नोलॉजी तो सबकी ज़ुबान पर ही होता है। लेकिन आज हम कुछ अनोखी बातों को बताने वाले हैं जो शायद किसी और देश में नहीं है। इसमें पहला नाम आता है:-

    1- जानिए गली नंबर क्या है?

    जब कभी हम किसी अनजान जगह पर जाते हैं तो सबसे पहले उस जगह का पता लेते हैं और लोगों से पूछते हैं कि इस नाम का जगह कहाँ है। लेकिन हम बता दें तो जापान में ज्यादातर गलियों का कोई नाम नहीं है। बल्कि वहाँ सड़कों और गलियों के नाम होने के बजाय ब्लॉक नंबर दिए होते हैं और ब्लॉक सड़कों के बीच में जगह छोड़ देते हैं। यानी वहाँ लोग एक दूसरे से पूछते हैं कि आप कौन-सी गली में रहते हैं गली नंबर 5, 6, 7 या फिर कोई और?

    इस तरह अगर हम कहें तो जापान में किसी भी जगह के पते में सबसे पहले शहर आता है फिर ज़िला और उसके बाद दिया हुआ ब्लॉक नंबर होता है और इसी ब्लॉक नंबर के द्वारा लोग अपने-अपने पतों पर पहुँचते हैं। इस प्रकार वहाँ पता लिखने का तरीक़ा बाक़ी देशों से बिल्कुल अलग है।

    2- 20 सेकंड्स की देरी भी संभव नहीं है वहाँ

    ट्रेन लेट होना, चाहे वह बुलेट ट्रेन हो या कोई भी ट्रेन। हमारे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। यहाँ सबकी आदतों में शुमार है एक दो से 4 घंटे ट्रेन लेट होते देखना। लेकिन यही ट्रेन अगर जापान में कुछ सेकंड भी लेट हो जाए तो बहुत बड़ी बात है यानी यह अखबारों की हेडलाइन बन सकती है।

    बात 2017 की है जब जापान में सिर्फ़ 20 सेकंड्स ट्रेन लेट हुई थी और यह न्यूज़ इतना बड़ा इशू बन गया कि रेलवे को लोगों से ऑफीशियली माफी तक मांगनी पड़ी थी। क्योंकि वहाँ के लोग समय की बहुत ज़्यादा कद्र करते हैं। जापान की जो सबसे तेज रफ़्तार वाली ट्रेन है, जिसका नाम शिंकनसेन है उसका आज तक का लेट होने का रिकॉर्ड सिर्फ़ आधा मिनट का है। इस प्रकार हम अंदाजा लगा सकते हैं कि वहाँ के लोग टाइम को लेकर कितने पंक्चुअल है। ट्रेन में 1 या 2 मिनट की देरी किसी भी देश के समाचार में हेडलाइन नहीं बन सकती।

    एक बार जापान रेलवे ने ऐसा काम किया जो दूसरे देश में शायद नहीं होता। जब सिर्फ़ एक बच्ची के लिए ट्रेन चलाया गया था ताकि बच्ची अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी कर सके। इस बच्ची के लिए कमी-शिरातक स्टेशन पर दिन में सिर्फ़ दो बार ट्रेन जाती है वह भी एक बार उसे स्कूल पहुँचाने और एक बार उसे स्कूल से ले आने के लिए।

    और आगे यह भी कहा गया कि जब तक उस बच्ची का ग्रेजुएशन पूरा नहीं हो जाता तब तक उसके लिए ट्रेन ऐसे ही चलाई जाएगी। जब साल 2016 में उस लड़की ने अपनी पढ़ाई पूरी की तब यह ट्रेन उस रूट में जाना बंद हुआ। जानकारी के लिए आपको बता दें तो इस रूट में ट्रेन साल 1932 में एक बार चलाई गई थी लेकिन बहुत कम पैसेंजर होने के कारण इस ट्रेन को बंद करना पड़ा।

    3- पहली क्लास से ही बच्चे करते हैं सफाई…

    जापान की एक सबसे ख़ास बात यह है कि वहाँ बच्चों को पहले ही क्लास से सफ़ाई करना सिखाया जाता है। इसके साथ-साथ वहाँ के बच्चे आपस में मिलजुल कर सारे काम करते हैं और साथ में बैठकर खाना भी खाते हैं। भारत की बात की जाए तो यहाँ सफ़ाई में कमी की सबसे बड़ी वज़ह है लोगों का व्यवहार।

    4- वहाँ वेंडिंग मशीन से खरीद सकते हैं जुराबे

    दरअसल हमारे यहाँ वेडिंग मशीन का इस्तेमाल ज्यादातर स्नेक्स और कोल्डड्रिंक के लिए किया जाता है, क्योंकि ज्यादातर देशों में इसकी संख्या बहुत ही कम है। लेकिन अगर बात जापान की हो तो वहाँ सबसे ज़्यादा वेडिंग मशीन होने के लिए वह देश जाना जाता है। वहाँ हर 23 लोगों पर एक वेडिंग मशीन है।

    इसके पीछे का कारण यह है कि जापान में लोगों की जो संख्या है बहुत ज़्यादा है और रिटेल शॉप खोलने के लिए जगह की कमी है और बहुत ज़्यादा पैसे इन्वेस्ट करने से अच्छा है इस वेडिंग मशीन का इस्तेमाल करना इसलिए वहाँ के लोगों के बीच वेडिंग मशीन का होना आम बात है। वहाँ के लोग इन मशीनों से जुराबे, सर्जिकल मास्क इत्यादि जैसे सामान भी खरीद सकते हैं।

    5- लिफ्टमैन का अभी भी है चलन

    जापान ऐसा देश है जहाँ आज भी लिफ्ट को मैनेज करने के लिए लिफ्टमैन और लिफ्ट गर्ल्स मौजूद रहते हैं। बात अगर भारत या फिर किसी बड़े देश की बात की जाए तो वह लिफ्टमैन या लिफ्ट गर्ल्स को रखना नहीं चाहते। वह नहीं चाहते कि इन्हें रखकर एक्स्ट्रा पैसे दिए जाएँ।

    लेकिन जापान में आज भी डिपार्टमेंट स्टोर्स या फिर बड़े-बड़े होटल्स में लिफ्ट को मैनेज करने के लिए अलग से लोगों को रखा जाता है और उन्हें सैलरी भी दी जाती है। आज भी लोग जापान को कुछ अलग-अलग सुविधाएँ देने के लिए याद करते हैं।

    6- ऑफिस में सोना मतलब मेहनती इंसान

    जहाँ कई देशों में किसी भी ऑफिस में नौकरी करने के दौरान सोना बहुत ही ग़लत माना जाता है और इसे इसके कारण लोगों की नौकरी तक छिन सकती है। तो वहीं जापान एकमात्र ऐसा देश है जहाँ अगर ऑफिस में कोई व्यक्ति सो जाता है तो उसे मेहनती समझा जाता है और उसके बारे में यह धारणा बनती है कि ज़्यादा काम करने की वज़ह से उसे नींद आ रही है। वहाँ इस चीज को लोग “Inemuri” के नाम से भी जानते हैं।

    8- ये “कैप्सूल होटल्स” हैं बड़े काम के

    जापान में कुछ ऐसी अनोखी चीज भी देखने को मिल जाती हैं जिसे आपने शायद पहले कभी नहीं देखा हो। जापान में 1979 में एक “कैप्सूल होटल” बनाया गया था, जिसमें बहुत छोटे-छोटे कमरे बनाए गए हैं, जहाँ हर कमरे में सिर्फ़ एक आदमी आराम से पूरी सुरक्षा के साथ सो सकता है। यह कमरा इतना आरामदायक होता है कि यहाँ बड़े-बड़े बिजनेसमैन से लेकर शराबी लोग तक पहुँचते हैं रहने के लिए।

    9- भीड़ एडजस्ट करने वाले ‘पुशर’

    जापान में ज्यादातर लोग यानी लाखों की संख्या में लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। और स्टेशन पर जो भीड़ होती हैं उन्हें एडजेस्ट करने के लिए वहाँ अलग से “पुशर” रखे जाते हैं। इस तकनीक को जापान में ओशिया कहा जाता है। जिसका मतलब ही होता है धक्का देकर लाइन में लगाना।

    जापान में स्टेशनों पर मौजूद इस ‘पुशर’ की ज़िम्मेदारी होती है कि सभी ट्रेन से जाने वाले मुसाफ़िर ट्रेन में सवार हो जाएँ और कोई भी मुसाफिर दरवाज़ों के बीच में ना फंसे और इससे इस बात का भी ध्यान रखना होता है कि लोगों को चोट ना पहुँचे। इसके द्वारा लोगों को बिना चोट पहुँचाए कैरिज में चढ़ा दिया जाता है। जब सभी लोग ट्रेन में सवार हो जाते हैं तब इस पूशर के इशारे से ही ड्राइवर ट्रेन को स्टार्ट करता है।

    10- गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड तकिए!

    जापान की यह बेहद ही अनोखी चीज़ जो शायद दूसरे देशों में ना मिले। आपको बता दें तो वहाँ एक बेहद ख़ास तरीके के तकिए का इस्तेमाल किया जाता है। यह तकिया लोगों को अकेला महसूस नहीं होने देता है। यह तकिया महिला के शरीर और पुरुष के शरीर के आकार जैसा होता है, जिन्हें लोग अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए खरीदते हैं।

    इस तकिए की एक ख़ास विशेषता यह है कि पुरुषों की बॉडी की तरह वाला तकिया सुबह होने पर अलार्म क्लॉक का भी काम करता है, जिसमें सुबह होते ही यह अलार्म क्लॉक की तरह वाईब्रेट होकर आपको जगाता है। इस तकिए की वज़ह से भी जापान बाक़ी देशों से भिन्न है।

    11- बेबी मॉप से खेल और सफ़ाई दोनों एक साथ

    इस तकनीक का नाम है बेबी मॉप, जिसे बच्चे को पहना दिया जाता है और जैसे-जैसे बच्चा फ़र्श पर रेंगता है यह चलता है फर्श चमकने लगता है और साथ ही यह बेबी मॉप जर्म्स का भी सफाया करता है। सुनने में तो यह बहुत ही हैरान कर देने वाला लगता है कि कोई अपने बच्चे को पोछे में बदल दें। लेकिन यह सच है, जो सिर्फ़ जापान जैसे देश में संभव है।

    12- घर में हर जगह के लिए है अलग चप्पलें

    जापान में बड़े से लेकर बच्चे और बूढ़े हर एक व्यक्ति सफ़ाई को लेकर बहुत ही सचेत रहते हैं। वहाँ के लोग ही अपने घरों को अलग-अलग जोन्स में बांट देते हैं जिसमें साफ़ और गंदे अलग-अलग होते हैं। लेकिन इन सबके बीच लोग यह भी देखते हैं कि हर जगह पर सफ़ाई बनी रहे और सफ़ाई बनाए रखने के लिए वहाँ के लोग अलग-अलग चप्पलों का इस्तेमाल करते हैं।

    उदाहरण के लिए वहाँ के लोग टॉयलेट, लिविंग रूम, बैडरूम या फिर बाहर जाने के लिए अलग-अलग चप्पलों का इस्तेमाल करते हैं। वहाँ के ज्यादातर रेस्ट रूम्स में भी इस नियम का सख्ती से पालन किया जाता है।

    इस तरह आज इस आर्टिकल के द्वारा हमने आपको बताया जापान से जुड़ी हुई कुछ अनोखी बातें कुछ अनोखे तकनीकों के बारे में। जिसे जाने के बाद ज्यादातर लोग सोचेंगे क्या ऐसा संभव है लेकिन जापान जैसे देश में ही संभव है। ऐसी अनोखी चीजों में और भी कई सारी चीजें हैं जिसे इस आर्टिकल में शामिल नहीं किया जा रहा है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here