Diwali 2022 : भारत में इन जगहों पर नहीं मनाया जाता है दिवाली का त्यौहार, ये है वजह

Diwali 2022 : भारत में दिवाली का त्यौहार (Deepawali 2022) बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है, जबकि पूरा देश दीयों और लाइट्स की रोशनी से जगमगा उठता है। दिवाली के मौके पर लोग एक दूसरे के घर जाकर मिठाई देते हैं, जबकि भगवान राम और सीमा माता के साथ माँ लक्ष्मी और गणेश भगवान की भी पूजा की जाती है।

लेकिन अगर आपको लगता है कि दिवाली का त्यौहार पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है, तो आप बिल्कुल गलत हैं। क्योंकि हमारे देश में कुछ ऐसे स्थान भी मौजूद हैं, जहाँ दिवाली मनाया ही नहीं जाता है। इस दिन वहाँ के लोग न तो दीए जलाते हैं और न ही भगवान की पूजा करके मिठाई बांटते हैं, लेकिन आखिर इसकी वजह क्या है।

Diwali 2022

क्यों मनाया जाता है दिवाली का त्यौहार?

दिवाली का त्यौहार (Diwali 2022) खुशियों और बुराई पर अच्छाई की जीत को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है, जिसमें दीए, रंगोली, लाइट्स और मिठाईयों की रौनक रहती है। इस दिन भगवान श्री राम माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ 14 वर्ष का वनवास पूरा करके वापस आयोध्या लौटे थे, जिसकी खुशी में आयोध्या वासियों ने दीए जलाकर और मिठाई बांटकर जश्न मनाया था।

तब से लेकर अब तक भारत में दिवाली मनाने की परंपरा चली आ रही है, ऐसे में शायद ही आपको यकीन होगा कि हमारे देश में कुछ जगहों पर दिवाली मनाई ही नहीं जाती है। इसके पीछे वहाँ की धार्मिक मान्यताएँ जिम्मेदार हैं, जिसकी वजह से स्थानीय लोग दीवाली नहीं मनाते हैं।

केरल में नहीं होती है दिवाली की धूम

भारत के केरल राज्य में दिवाली का पर्व (Diwali 2022) नहीं मनाया जाता है, जिसकी वजह से यहाँ के लोगों के लिए दिवाली की रात एक सामान्य रात की तरह ही होती है। हालांकि केरल के कोच्चि शहर में ही दिवाली का त्यौहार धूमधाम के साथ मनाया जाता है, जबकि बाकी पूरे राज्य में सन्नाटा रहता है।

कहा जाता है कि केरल के राजा महाबली की मौत दिवाली के दिन हुई थी, जिसकी वजह से इस राज्य में दिवाली का त्यौहार नहीं मनाया जाता है। माना जाता है कि स्थानीय लोग अपने राजा के मृत्यु के दिन जश्न नहीं मानना चाहते हैं, इसलिए वहाँ दिवाली के मौके पर दीए और पटाखे नहीं जलाए जाते हैं।

हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि केरल में मौसम काफी नमी भरा रहता है, जिसकी वजह से यहाँ साल भर में कभी भी बारिश हो जाती है। ऐसे में बारिश और नमी की वजह से केरल में दीए और पटाखे जलाना मुश्किल हो जाता है, जिसकी वजह से वहाँ के लोग दीवाली का त्यौहार ही नहीं मनाते हैं।

तमिलनाडु में नहीं होती है दिवाली

केरल की तरह ही तमिलनाडु के कुछ राज्यों में दिवाली का त्यौहार (Diwali 2022) नहीं मनाया जाता है, क्योंकि वहाँ के स्थानीय नागरिक नरक चतुदर्श का त्यौहार धूमधाम से मनाते हैं। कहा जाता है कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था, जिसकी वजह से यहाँ नरक चतुदर्श की त्यौहार सेलिब्रेट किया जाता है।

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