हरे या पीले रंग की क्यों नहीं होती है ईंट, जानें लाल ईंट के पीछे का साइंस

कोई भी घर या बिल्डिंग का निर्माण करने के लिए ईंटों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इमारत की दीवार खड़ी होती है और उसमें रहने वाले लोगों को सुरक्षा मिलती है। ईंट की यह दीवार न सिर्फ मजबूत घर का निर्माण करती है, बल्कि इसकी वजह से इंसान धूप, बारिश, आंधी और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षित रहता है।

लेकिन क्या आपने कभी ईंट के रंग पर गौर किया है, जो चाहे कितनी ही अच्छी क्वालिटी की क्यों न हो… उसका रंग हमेशा लाल ही होता है। आखिर ईंट को लाल के अलावा किसी दूसरे रंग में क्यों नहीं बनाया जाता है, क्या इसके पीछे कोई खास वजह छिपी हुई है।

लाल क्यों होता है ईंट का रंग? (Why is the Color of Brick Red?)

ईंट को बनाने के लिए चिकनी पीली मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। हालांकि ईंट बनाने के लिए सिर्फ मिट्टी की ही जरूरत नहीं होती है, बल्कि इसमें 50 से 70 प्रतिशत रेत की मात्रा भी मौजूद होती है। ऐसे में ईंट बनाने वाली मिट्टी में एलुमिना, लाइम, मैग्नीशियम और लोहा जैसे अलग-अलग तत्व भी मौजूद होते हैं, जिनकी मदद से ईंट को एक सही आकार दिया जाता है।

ईंट को बनाने के लिए मिट्टी को गीला करके मशीन की सहायता से चौकोर आकार दिया जाता है, जिसके बाद ईंटों को कुछ समय के सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद ईंट को मजबूती प्रदान करने के लिए उसे उच्च तापमान वाली आग की भट्टी में पकाया जाता है, जिसका औसत तापमान 875 से 900 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। इसे भी पढ़ें – कार की चमक और ओरिजनल पेंट को खराब करती है धूल, मिट्टी और धूप, बचाव के लिए फॉलो करें आसान टिप्स

ऐसे में जब ईंट में मौजूद धातुएँ आग की संपर्क में आती हैं, तो उनके बीच एक रिएक्शन शुरू हो जाता है। इस रिएक्शन की वजह से आयरन ऑक्साइड बनता है, जिसकी वजह से ईंट का रंग प्राकृतिक रूप से लाल हो जाता है। इतना ही नहीं भट्टी में पकने के बाद ईंट का आकार भी छोटा हो जाता है, जो कच्ची ईंट के मुकाबले 10 प्रतिशत छोटी होती है।

दरअसल भट्टी की गर्मी की वजह से गीली ईंट सिकुड़ने लगती है, जिसकी वजह उसके अंदर मौजूद नमी खत्म हो जाती है और वह ठोस रूप ले लेती है। इसी वजह से पक्की ईंट का आकार कच्ची ईंट के मुकाबले 10 फीसदी छोटा हो जाता है, जबकि ईंट का रंग भी लाल हो जाता है।

ऐसे में ईंट बनाने वाले मालिकों को प्राकृतिक रूप से लाल रंग में तैयार होने वाली ईंट का रंग बदलने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि किसी भी घर का निर्माण करने के लिए ईंट के साथ सीमेंट और अन्य चीजों की जरूरत होती है। ऐसे में लाल ईंट सीमेंट और पेंट की कोटिंग में आसानी से छिप जाती है, जिसकी वजह से उसे अलग से हरे, पीले या दूसरे रंग में रंगे जाने की जरूरत नहीं होती है।