सिर पर नहीं था माता-पिता का साया, फिर भी इन 7 अनाथ हस्तियों ने हासिल किया ऊंचा मुकाम

हर बच्चे के बेहतर भविष्य के पीछे उसके माता-पिता की कड़ी मेहनत और संघर्ष छिपा होता है, जो अपने बच्चे को कामयाब बनाने के लिए कुछ भी कर गुजरते हैं। लेकिन इस दुनिया में बहुत से बच्चे कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो देते हैं या फिर उनके सिर पर किसी बड़े का हाथ मौजूद नहीं होता है, हालांकि इसके बावजूद भी वह अपनी मेहनत के दम पर कामयाबी हासिल कर लेते हैं। ऐसे में आज हम आपको दुनिया के उन कामयाब हस्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने दम पर सबकुछ हासिल किया है।

9 Famous orphans

राजेश खन्ना

बॉलीवुड के सुपर स्टार कहलाने वाले राजेश खन्ना भले ही आज हम सब के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपनी बेहतरीन एक्टिंग के दम पर लाखों लोगों की दिलों पर दशकों तक राज किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राजेश खन्न असल में अनाथ थे, जिनका असली नाम जतिन खन्ना था। राजेश खन्न की परवरिश उनके चाचा चुन्नीलाल खन्ना और चाची लीलावती ने की थी, जबकि राजेश खन्ना ने अपनी मेहनत से बॉलीवुड में नाम और कामयाबी हासिल की। इसे भी पढ़ें – भगवन हैं बॉलीवुड के ये 5 फिल्मी सितारें जिन्होंने गोद लिए अनाथ बच्चे और उन्हें दी शानदार लाइफ

बिल क्लिंटन

बिल क्लिंटन की गिनती दुनिया के प्रसिद्ध लोगों में की जाती है, जिन्होंने 46 साल की उम्र में अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति के रूप में शपत ली थी। बिल क्लिंटन अमेरिका के तीसरे सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति थे, जिन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर यह मुकाम हासिल किया था।

बिल क्लिंटन के पिता की मौत एक कार एक्सीडेंट में हो गई थी और उस वक्त बिल क्लिंटन महज 3 महीने के थे, जिसके बाद उनकी माँ ने दूसरी शादी कर ली थी। इस तरह बिल क्लिंटन को उनके सौतेले पिता द्वारा गोद लिया गया था, जिसके बाद बिल क्लिंटन ने अपने करियर को कामयाबी के एक अलग मुकाम पर पहुँचा दिया था।

नेल्सन मंडेला

नेल्सन मंडेला को कौन नहीं जानता है, जो साउथ अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति थे। नेल्सन मंडेला का जन्म साउथ अफ्रीका के मावेजो नामक गाँव में हुआ था, जबकि उनका असल नाम रोलिहलाहला मंडेला (Rolihlahla Mandela) था। ऐसे में जब नेल्सन मंडेला बहुत छोटे थे, उनके टीबी की बीमारी की वजह से उनके पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद नेल्सन मंडेला को थेम्बू के राजा जोंगिंटबा दलिंदेबो द्वारा गोद ले लिया गया था और उस वक्त उनकी उम्र 9 साल थी।

मर्लिन मुनरो

अमेरिकी एक्ट्रेस मर्लिन मुनरो का बचपन एक अनाथ आश्रम में गुजरा था, क्योंकि उनकी माँ शादी से पहले ही माँ बन गई थी। ऐसे में मर्लिन के जन्म के बाद उनकी माँ ने उन्हें अनाथ आश्रम में छोड़ दिया था, जिसके बाद मर्लिन को एक दंपत्ति द्वारा गोद ले लिया गया था और इस तरह मर्लिन ने एक अनाथ आश्रम से हॉलीवुड तक का सफर तय किया था।

स्टीव जॉब्स

एप्पल कंपनी के संस्थापक और आविष्कारक स्टीव जॉब्स भले ही आज हम लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी कामयाबी के चर्चे आज भी होते हैं। स्टीव जॉब्स के माता-पिता के बीच भेदभाव था, जिसकी वजह से उन्हें पैदा होते ही छोड़ दिया गया था। ऐसे में पॉल और क्लारा जॉब्स ने स्टीव को गोद लिया और उन्हें अपना नाम दिया, जिसे स्टीव ने पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया था।

अब्दुल नसर

अब्दुल नसर कोई लोकप्रिय हस्ती नहीं हैं, लेकिन उनके संघर्ष की कहानी ने इस लिस्ट में उनका नाम शामिल किया है। अबदुल नसर जब पांच साल के थे, उनके पिता की मौत हो गई थी। वह अपने छह भाई बहनों में सबसे छोटे थे और गरीबी की वजह से उनकी माँ उनकी परवरिश नहीं कर सकती थी, लिहाजा उन्होंने अब्दुल को अनाथ आश्रम में छोड़ दिया था।

इसके कुछ साल बाद अब्दुल की माँ का भी निधन हो गया था, लेकिन अब्दुल ने हार नहीं मानी और संघर्ष जारी रखा। इस तरह उन्होंने अनाथ आश्रम में रहते हुए साल 2006 में यूपीएससी की तैयारी की और परीक्षा पास करके डिप्टी कलेक्टर बन गए, जिसके बाद अब्दुल को संघर्ष खत्म हुआ था।

मालकॉम एक्स

अमेरिका में अश्वेतों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वाले मालकॉम एक्स भी अनाथ थे, जिन्होंने अश्वेतों के हक के लिए अपनी जान तक गवा दी थी। जब मालकॉम 6 साल के थे, तो उनके पिता की मौत हो गई थी। वहीं 12 साल की उम्र में मालकॉम ने अपनी माँ को भी बीमारी की वजह से खो दिया था, जिसके बाद उनकी आगे की जिंदगी अनाथ आश्रम में गुजरी थी और आगे चलकर उन्होंने दूसरे के हक के लिए लड़ाई लड़ते हुए अपनी जान गवा दी थी।

तो ये थे दुनिया की वह प्रसिद्ध हस्तियाँ, जिन्होंने अनाथ होने के बावजूद भी अपनी जिंदगी में कामयाबी हासिल की। आज इन लोगों की मेहनत और संघर्ष की वजह से ही पूरी दुनिया में इनको पहचाना जाता है। इसे भी पढ़ें – अनाथ बच्चे ने 10वीं की परीक्षा में किय जिला टॉप, दादा-दादी ने चाय बेचकर भरी थी स्कूल फीस