भारत में बनी दुनिया की सबसे लंबी रोड टनल, 10 साल का लगा समय

रोहतांग पास से जुड़ी भारत की सबसे लंबी रोड पैनल बनकर तैयार हो गई है। 10,171 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस टनल का नाम पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर ‘अटल रोहतांग टनल’ रखा गया है। इसे बनाने में 10 साल का वक्त लगा। इसके बन जाने की वजह से मनाली के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो गई है।

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्घाटन

इस टनल का उद्घाटन सितंबर माह में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जाएगा। इसकी लंबाई 8.8 किलोमीटर लंबी है तथा चौड़ाई 10 मीटर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक नाली-लेह रोड पर चार और टनल प्रस्तावित है। इस टनल के बनने से हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में भी यातायात आसान हो जाएगा। यह कुल्लू जिले के मनाली से लाहौल-स्पीति जिले को भी जोड़ेगी। इसके बन जाने से फौजी भाइयों को हथियार और रसद आपूर्ति में आसानी हो जाएगी। अब जोजिला पास के साथ-साथ इस मार्ग से भी सामान की सप्लाई की जा सकेगी।

80 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल सकेंगे वाहन

टनल के अंदर कोई भी वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेगा। इसका आकार घोड़े के नाल के आकार का है। यह टनल इस तरह से बनाई गई है कि इसके अंदर एक बार में 3000 कारें या 1500 ट्रक एक साथ निकाल सकते हैं। टनल के अंदर अत्याधुनिक ऑस्ट्रेलियन टनलिंग मेथड का उपयोग किया गया है। वेंटीलेशन सिस्टम भी ऑस्ट्रेलियाई तकनीक पर आधारित है।

इस टनल की डिजाइन में डीआरडीओ की सहायता भी ली गई है, जिससे बर्फ और हिमस्खलन का इस पर प्रभाव ना हो और किसी भी मौसम में यातायात बाधित ना हो। इसके अंदर हर थोड़ी दूरी पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। सुरंग के अंदर 200 मीटर की दूरी पर एक फायर हाइड्रेंट भी मौजूद है, जिससे आग लगने की स्थिति में आग पर काबू पाया जा सके। इसे बनाने में 4000 करोड़ की लागत आई है।

बनाने में आई काफी मुश्किल

इसके निर्माण में बीआरओ के इंजीनियरों और कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यहां सर्दियों में तापमान माइनस 30 डिग्री तक हो जाता है, जिससे खुदाई में काफी दिक्कतें आती थी। गर्मियों में जहां 5 मीटर प्रतिदिन खुदाई होती थी, वहीं सर्दियों में मात्र आधा मीटर ही खुदाई हो पाती थी।

इस सुरंग को बनाने में 8 लाख क्यूबिक मीटर पत्थर और मिट्टी निकाली गई।
पंजाब यूनिवर्सिटी और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च ने इस टनल में वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए न्यूट्रीनो डिटेक्टर लगाने की अनुमति भी सरकार से मांगी है।

Image Source- Aaj Tak