केरल की पहली आदिवासी एयर होस्टेस बनी गोपिका गोविंद, 12 साल की उम्र में देखा था हवा में उड़ने का सपना

Kerala First Tribal Air Hostess Gopika Govind : हर इंसान अपने जीवन में कोई न कोई सपना जरूर देखता है, लेकिन हर कोई उस सपने को हकीकत बना पाने का हुनर नहीं रखता है। लेकिन आज हम आपको उस लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने 12 साल की उम्र में एयर होस्टेस बनने का सपना देखा था और आज उसे हकीकत बनाने में सफल हो गई हैं।

यह लड़की आपकी और हमारी तरह किसी आम परिवार से ताल्लुक नहीं रखती है, बल्कि यह एक आदिवासी लड़की है। इस लड़की ने 8वीं कक्षा में पढ़ते समय आसमान में उड़ते हुए हवाई जहाज को देखा था, जिसे देखकर उनके मन में भी आसमान में ऊंची उड़ान भरने की ख्वाहिश जग उठी थी। Kerala First Tribal Air Hostess Gopika Govind

Air Hostess Gopika Govind

आदिवासी लड़की बनी एयर होस्टेस

हम जिस लड़की की बात कर रहे हैं, उसका नाम गोपिका गोविंद (Gopika Govind) है। गोपिका केरल की अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखती हैं, जिसे करीमबाला कम्यूनिटी (Karimbala) के नाम से जाना जाता है। गोपिका ने 8वीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि उन्हें एयर होस्टेस बनना है, जबकि उनके इस सपने को पूरा होने में 12 साल का लंबा वक्त लग गया।

केरल के अलाकोडे (Alakkode) में कावुनकुडी (Kavunkudi) नामक एक एसटी कॉलोनी स्थित है, जहाँ गोपिका गोविंद अपने परिवार के साथ रहती हैं। वह राज्य की पहली आदिवासी एयर होस्टेस हैं, जिनका पूरा बचपन असुविधाओं और आर्थिक तंगी के बीच गुजरा है।

लेकिन इसके बावजूद भी गोपिका ने सपने देखना नहीं छोड़ा, बल्कि पूरे उत्साह के साथ अपने हर एक सपने को पूरा करने के लिए मेहनत की। गोपिका हमेशा से हवाई जहाज के अंदर बैठना चाहती थी और उसमें यात्रा करने का एक्सपीरियंस लेना चाहती थी, ऐसे में जब वह पहली बार हवाई जहाज में गई तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ था।

Gopika Govind

सरकार की मदद से पूरा किया कोर्स

गोपिका गोविंद (Gopika Govind) ने किसी तरह गरीबी में अपना बचपन बिताया था, जबकि राज्य के सरकारी स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। ऐसे में जब उन्होंने एयर होस्टेस के कोर्स के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा की, तो उन्हें पता चला कि कोर्स की फीस काफी ज्यादा है। ऐसे में एक पल के लिए गोपिका ने अपने सालों पुराने सपने को भुला देना ठीक समझा, क्योंकि उनके परिवार के पास फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे।

लेकिन इसी बीच गोपिका को पता चला कि एयर होस्टेस के कोर्स के लिए अनुसूचित जनजाति (ST) की लड़कियों को सरकार की तरफ शिक्षा अनुदान मिलता है, जिसकी वजह से उनकी फीस बहुत ही कम हो गई थी। इसके बाद गोपिका ने IATA कस्मटर सर्विस केयर से डिप्लोमा किया था।

गोपिका गोविंद (Gopika Govind) ने केरल के वायनाड में स्थित ड्रीम स्काई एविएशन ट्रेनिंग एकेडमी से अपना कोर्स पूरा किया, जिसके लिए सरकार की तरफ से उन्हें 1 लाख रुपए की मदद दी गई थी। एयर होस्टेस का कोर्स पूरा करने के बाद गोपिका गोविंद ने बतौर एयर होस्टेस एयर इंडिया एक्सप्रेस को ज्वाइन कर लिया और अभी वहीं कार्यरत हैं।

इसे भी पढ़ें – फीस भरने के लिए नहीं थे पैसे, खेतों में मजदूरी करके बच्चों को पढ़ाया और आज बेटा बना गया है SDM

पति की मौत के बाद परिवार ने तोड़ा रिश्ता, शुरू किया चाय बेचना, अब UP रोडवेज में बस चलाती है महिला

भारतीय मूल की अमेरिकी डॉक्टर ने दान किए 20 करोड़ रुपए, राज्य में बनेगा मातृ एंव शिशु केयर अस्पताल

जिले की पहली महिला इलेक्ट्रीशियन बनी सीता देवी, इस काम में पुरुषों को देती हैं कड़ी टक्कर