यह महिला किसान मशरूम की खेती में 8 हजार रुपए खर्च करके 80 हजार रुपए तक का मुनाफा कमा रही हैं

भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ सैकड़ों की संख्या में किसान खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में रहने वाली एक महिला किसान मशरूम की खेती कर महिला सशक्तिकरण की अनोखी मिसाल पेश कर रही हैं।

देश भर में मशरूम की मांग काफ़ी तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में पहाड़ी इलाकों में इस खाद्य पदार्थ की खेती करना काफ़ी फायदेमंद साबित हो सकता है। तो आइए जानते हैं मशरूम की खेती करने वाली शक्त महिला के बारे में-

पहाडों पर मशरूम की खेती ( Mushroom farming )

हिमाचल के कांगड़ा ज़िले में रहने वाली शिखा (Shikha) पेशे से एक किसान हैं, जो नॉर्मल सब्जी के अलावा मशरूम उगाने (Mushroom Cultivation) का काम करती हैं। वह ख़ुद को मशरूम उगाकर अच्छी खासी कमाई करती हैं, इसके साथ ही दूसरी महिला किसानों को भी ट्रेनिंग देती हैं।

शिखा व्हाइट बटन मशरूम से लेकर शिटाके मशरूम की अलग-अलग नस्लों की खेती करती-करती हैं, जिनकी बाज़ार में काफ़ी ज़्यादा मांग है। इसके साथ ही शिखा अलग-अलग सब्जियाँ बेचकर भी मुनाफा कमा रही हैं।

मशरूम की खेती और मुनाफा ( Mushroom farming and profits )

मशरूम की खेती के लिए शिखा 8 हज़ार रुपए की लागत से बीज के 100 बैग खरीदती हैं, फिर उन्हें खेत में उगाकर फ़सल तैयार करती हैं। 8 हज़ार रुपए ख़र्च करके शिखा 80 हज़ार रुपए का मुनाफा आसानी से कमा सकती है, क्योंकि उन्हें हर बैग में 2 हज़ार का मुनाफा होता है।

शिखा अच्छी गुणवत्ता वाले बेहतरीन मशरूम उगाती हैं, जिसकी वज़ह से उनके ग्राहकों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। शिखा अपने मशरूम को बेचने के लिए किसी प्रकार की मार्केटिंग नहीं करती हैं, क्योंकि कांगड़ा में उनके मशरूम काफ़ी ज़्यादा फेमस हो चुके हैं। कांगड़ा जिले के लोग शिखा के घर से ही मशरूम खरीद कर ले जाते हैं, जिसकी वज़ह से उन्हें बाज़ार जाकर मशरूम बेचने की ज़रूरत नहीं पड़ती है।

युवाओं और महिला को देती हैं ट्रेनिंग ( Mushroom Cultivation Training )

शिखा ख़ुद तो मशरूम की खेती ( Mushroom farming ) करके अच्छा खासा मुनाफा कमा ही रही हैं, इसके साथ ही वह कांगड़ा ज़िले के दूसरे लोगों को भी रोज़गार देने और उन्हें सशक्त बनाने का बेहतरीन काम कर रही हैं।

शिखा बेरोज़गार युवाओं और महिलाओं को मशरूम की खेती करने की ट्रेनिंग देती हैं, ताकि वह घर पर ही अच्छी नस्ल का मशरूम उगा सके और अपने ख़र्च के लिए पैसे कमा सके। यही वज़ह है कि कांगड़ा में मशरूम की खेती करने वाले युवाओं और महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

आपको बता दें कि मशरूम के खेती ( Mushroom farming ) के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग सेंटर्स में ट्रेनिंग दी जाती है, जहाँ वैज्ञानिक तौर तरीकों से मशरूम को उगाने और उनकी देखभाल करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में अगर आप भी मशरूम की खेती कर पैसा कमाना चाहते हैं, तो इन सरकारी संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं।

Source – Dainik Jagran