ये 5 पेड़ देते हैं करोड़ों फैक्ट्रियों से भी ज्यादा ऑक्सीजन, इनके महत्व को समझना है ज़रूरी

    सारी दुनिया महामारी से लड़ रही है और अब तो दूसरी लहर भी चल रही है, ऐसे में मरीज बढ़ने की वजह से सारे देश की चिकित्सा व्यवस्था कमज़ोर पड़ गयी है। हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से देश में सैकड़ों लोग मर रहे हैं। ऑक्सीजन फैक्ट्रियां जोर शोर से ऑक्सीजन निर्माण में लगी हुई हैं और इस महामारी से जूझने के लिए कई प्रकार की तैयारियां की जा रही हैं।

    ऑक्सीजन की कमी का सबसे बड़ा कारण है, पेड़ कटना। इसी वजह से आज हमें ऑक्सीजन की इतनी परेशानी आ रही है। इस बारे में नेचर एक्सपर्ट्स दावा करते हैं कि कुछ पेड़ ऐसे भी होते हैं, जिनसे हमें काफी अधिक मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त होती है। यदि यह पेड़ नष्ट हो जाए तो मनुष्य कितनी भी ऑक्सीजन की फैक्ट्रियां क्यों ना खोल ले, पर ऑक्सीजन की कमी हमेशा रहेगी। चलिए आपको बताते हैं कि कौन से ऐसे 5 पेड़ हैं, जिनसे बहुत ज्यादा ऑक्सीजन पैदा होती है…

    नीम का पेड़ (Neem Tree)

    नीम के पेड़ के बारे में तो हम सभी जानते ही हैं, यह एक औषधीय पेड़ के तौर पर उपयोग किया जाता है। नीम के पेड़ से हमारा पर्यावरण शुद्ध तो होता ही है साथ ही यह हमें विभिन्न शारीरिक रोगों से भी बचाता है। नीम के पेड़ को एक प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर के तौर पर भी जाना जाता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ये वातारण में उपस्थित गन्दे पदार्थों को साफ करके हवा में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है। इस पेड़ की यह भी विशेषता होती है की औषधीय गुण होने की वजह से इसके द्वारा हवा में उपस्थित बैक्टिरिया भी नष्ट हो जाते हैं।

    बरगद का पेड़

    बरगद का पेड़ बहुत बड़ा और विस्तृत होता है। ऐसा कहा जाता है कि यह पेड़ की छाया पर आधारित होता है कि वह कितना ऑक्सीजन निर्मित करता है। यह भी कहा जाता है कि बरगद का पेड़ जितना विशाल और घना होगा, उसमें से उतनी अधिक ऑक्सीजन रिलीज होगी।

    अशोक का पेड़

    पर्यावरण के लिए अत्यंत लाभकारी अशोक का पेड़ भी बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सीजन निर्मित करके पर्यावरण में रिलीज करता है। इसके साथ ही यह दूषित गैसों को शुद्ध करके पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    पीपल का पेड़ (Peepal)

    ऐसा माना जाता है कि पीपल का वृक्ष अन्य सभी वृक्षों की अपेक्षा सर्वाधिक ऑक्सीजन पैदा करता है। ये पेड़ 60 से 80 फीट तक लंबे होते हैं। खास बात तो यह है कि यह पेड़ अपने पूरे जीवन में इतना अधिक ऑक्सीजन निर्माण कर सकते हैं जितना की किसी फैक्ट्री में भी नहीं बन पाता।

    जामुन का पेड़ ( Jamun)

    जामुन तो आप सभी ने खाये होंगे। यह खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, साथ ही हमारे पर्यावरण के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है विशेषज्ञों के अनुसार, जामुन के वृक्ष से सल्फर व नाइट्रोजन गैस शुद्ध होती हैं तथा यह पेड़ अधिक मात्रा में ऑक्सीजन भी पर्यावरण में छोड़ा करता है। यही वजह है कि जामुन का पेड़ पर्यावरण का परम् हितकारी समझा जाता है। हम सभी को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए ताकि हमारा वातावरण सुरक्षित रह सके।