तेज म्यूजिक और ईयरफोन की वजह से हो सकता है बहरापन, जानें क्या कहती है WHO की रिपोर्ट

आज के दौर में मोबाइल फोन के बिना नॉर्मल लाइफ की कल्पना भी नहीं की जा सकती है, जिसमें हेड फोन या ईयरफोन साथी की भूमिका निभारते हैं। घर के अंदर या बाहर, जिम और पार्क जैसी जगहों पर लोग कान में ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए दिखाई देते हैं, जो तनाव से दूर रहने का बेहतरीन तरीका है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर वक्त ईयरफोन्स का इस्तेमाल करना आपके कानों के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है, अगर नहीं… तो आपको विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी की गई नई रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इस रिपोर्ट में ईयरफोन के इस्तेमाल को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।

ईयरफोन आपको कर सकते हैं बहरा

ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करना भले ही कूल और मॉडन लाइफ स्टाइल की तरफ इशारा करता है, लेकिन इस आदत की वजह से सालाना कई लोग अपने सुनने की क्षमता खो देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो दुनिया भर में लगभग 43 करोड़ लोग ईयरफोन का इस्तेमाल करने की वजह से बहरेपन का शिकार हो चुके हैं।

इतना ही नहीं कई लोग कान से सम्बंधी विभिन्न प्रकार की बीमारियों से भी ग्रस्त हैं, जिसकी वजह से वैश्विस स्तर पर बहरेपन की रोकथाम के लिए तत्काल कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। WHO की रिसर्च से यह भी सामने आया है कि कानों को सिर्फ ईयरफोन ही नुकसान नहीं पहुँचाते हैं, बल्कि पार्टी में बजने वाले लाउड म्यूजिक भी कानों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

धीमी आवाज में सुनना चाहिए म्यूजिक

विश्व स्वस्थ्य संगठन की मानें तो लोगों को धीमी आवाज में म्यूजिक सुनने की आदत डालनी चाहिए, जिसमें व्यस्क व्यक्ति को 104 डीबी के साउंड लेवल का चुनाव करना चाहिए। वहीं व्यस्क लोगों के लिए 80 डीबी और बच्चे के लिए 75 डीबी तक का साउंड लेवल काफी होता है।

इस रिसर्च से यह बात भी सामने आती है कि ईयरफोन या पार्टी में तेज आवाज में म्यूजिक सुनने वाले लोगों में किशोर और युवा व्यस्कों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में यह लोग कम उम्र में ही सुनने की क्षमता खोने लगते हैं, जबकि कई लोग बुढ़ापे की उम्र में पहुँचने से पहले ही पूरी तरह से बहरे हो जाते हैं।

इसे भी पढ़ें – ये है भारत की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार, सिर्फ 2 हजार रुपए में करवा सकते हैं प्री-बुकिंग