30 सालों से पैदल सफ़र करते थे गाँव के लोग, ज़िला कलेक्टर ने 5 दिनों में शुरू करवाई बस सर्विस

बस और ट्रेन आम आदमी के लिए यातायात का सुलभ साधन है, जिसमें कम पैसों में आरामदायक सफ़र किया जा सकता है। लेकिन भारत में एक ऐसा गाँव भी मौजूद है, जहाँ पिछले 30 सालों में कोई बस सर्विस नहीं थी।

ऐसे में गाँव के लोगों को पड़ोस के गाँव तक पहुँचने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, जबकि रात के अंधेरे में इस दूरी को पार करना और भी ज़्यादा मुश्किल हो जाता था। हालांकि अब इस गाँव की क़िस्मत बदल गई है, जिसका श्रेय ज़िला कलेक्टर को दिया जा रहा है।

30 सालों से पैदल चलने के लिए मजबूर थे ग्रामीण

तमिलनाडु के करुप्पमपलयम गाँव में रहने वाले ग्रामीण पिछले 30 सालों से मुख्य सड़क तक पहुँचने के लिए संघर्ष कर रहे थे, क्योंकि उनके गाँव में एक भी बस सेवा नहीं थी। ऐसे में गाँव के लोगों को मुख्य सड़क या दूसरे गाँव तक पहुँचने के लिए 2 से 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था।

वहीं रात के अंधेरे में या बरसात के मौसम में गाँव की कच्ची सड़क से होकर गुजरना ग्रामीणों के लिए और भी मुसीबत भरी चुनौती होती थी, लेकिन बावजूद इसके प्रशासन को इस गाँव और यहाँ रहने वाले लोगों की कोई सुध नहीं थी।

5 दिनों में शुरू हुई बस सर्विस

हालांकि बीते दिनों ज़िला कलेक्टर टी प्रभुशंकर (Collector T Prabhushankar) को करुप्पमपलयम गाँव के हालातों के बारे में पता चला, तो उन्होंने फौरन एक्शन लेते हुए गाँव वालों की समस्या दूर करने का जिम्मा उठा लिया। टी प्रभुशंकर ने ख़ुद गाँव वालों से बादचीत की और उनकी समस्याएँ सुनकर उन्हें निपटाने का वादा किया।

करुप्पमपलयम गाँव से लौटने के महज़ 5 दिन बाद ही टी प्रभुशंकर ने अपना वादा पूरा करते हुए गाँव में बस सेवा शुरू कर दी, जिससे ग्रामीणों की यातायात सम्बंधी समस्या हल हो गई। आपको बता दें कि करुप्पमपलयम गाँव में 220 से ज़्यादा परिवार रहते हैं, ऐसे में गाँव में बस सर्विस का न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

जिला कलेक्टर के मुताबिक करुप्पमपलयम गाँव में शुरुआत से ही कोई बस सेवा नहीं थी, इसलिए किसी का इस बात पर ध्यान नहीं गया। ऐसे में टीएनएसटीसी करूर डिवीजन से बातचीत कर गाँव में बस सर्विस की शुरुआत की गई है।

जिला कलेक्टर का सराहनीय कदम

अब करुप्पमपलयम गाँव में रोजाना दो बसें आएंगी, जो गाँव के लोगों को शहर ले जाने और वहाँ से वापस लाने का काम करेगी। गाँव के ज्यादातर लोग करूर शहर में काम करने जाते हैं, ऐसे में बस सेवा शुरू होने से उन्हें यातायात में काफ़ी सुविधा होगी।

ऐसे में ज़िला कलेक्टर टी प्रभुशंकर का क़दम बहुत ही सराहनीय है, जिसके लिए ग्रामीणों उनके शुक्रगुजार हैं। 30 सालों तक पैदल चलकर दूसरे गाँव या मुख्य सड़क तक पहुँचना ग्रामीणों के लिए काफ़ी मुश्किल होता था, लेकिन अब वह बस सर्विस के जरिए आसानी से सफ़र कर पाएंगे।