सिर्फ 24 की उम्र में ही अनुभव ने अपने छत पर उगाए कई मसाले, फूल, सब्जी और फल, खिला रहे मुहल्ले को भी

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Anubhav Verma

Terrace Gardening – आजकल बड़े बुजुर्गों के साथ-साथ नौजवानों में भी पेड़ पौधों और गार्डनिंग करने के प्रति लगाव दिख रहा है। रील लाइफ से हटकर अब वह भी थोड़ा रियल लाइफ में जीने की चाह रख रहे हैं। कई युवा ऐसे भी है जो ज्यादातर टाइम सोशल मीडिया फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम व्हाट्सएप इत्यादि पर बिता रहे हैं, तो वहीं कुछ युवा इससे दूर अपनी जिंदगी को प्रकृति के साथ बिताते हैं।

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ऐसे ही प्रकृति प्रेमी में एक नाम आता है उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले अनुभव वर्मा की, जो अभी सिर्फ 24 वर्ष के हैं। वैसे तो अनुभव अपने ग्रेजुएशन के बाद बैंकिंग की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इसके साथ साथ वह अपना टाइम गार्डनिंग (Terrace Gardening) में भी देते हैं और इसे बहुत शौक से करते हैं।

2015 में अपने छत पर ही शुरू किया था गार्डेनिंग (Terrace Gardening)

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द बेटर इंडिया के अनुसार अनुभव को बचपन से ही पेड़ पौधों के प्रति लगाव रहा है। इसलिए उन्होंने सबसे पहले साल 2015 से उन्होंने अपने छत पर ही Terrace Gardening करना शुरू किया, जिसमें आज वो 300 से ज्यादा पेड़ पौधे लगा चुके हैं। 24 वर्षीय अनुभव को इस क्षेत्र में काफी अनुभव हो चुका है। उन्होंने इसकी शुरुआत फूलों से की थी और धीरे-धीरे सब्जी,फल और मसाले लगाना शुरू किया। उनका सपना है कि उन्हें अपने गार्डन के फल सब्जी को पूरे मोहल्ले को खिलाना है।

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तनाव दूर करने का अच्छा तरीका है

अनुभव कहते हैं कि जैसे-जैसे उन्हें इसमें अनुभव होता क्या तब उन्हें समझ में आ गया कि अगर हर व्यक्ति अपने घर में ही फल और सब्जी उगाने लगे तो हमारे देश में खाद्यान्न संकट होगा ही नहीं। वो कहते हैं कि आप मौसम के अनुसार किसी भी फल और सब्जी को लगा सकते हैं। अपनी पढ़ाई के कारण अनुभव सुबह शाम ही अपने गार्डन में वक्त बिताते हैं और बाकी समय एक्जाम की तैयारी पर ध्यान देते हैं। उनके ऐसा मानना है कि गार्डनिंग करना अपने तनाव को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका होता है।

कई तरह के मसाले फल और सब्जी उगाए हैं

आज अनुभव की मेहनत के कारण ही उनके परिवार को ताजी सब्जियां और कुछ फल खाने को मिल रहे हैं। वह छत पर फूलों के साथ 4 तरह के मसाले, 8-10 फल और लगभग छह सात मौसमी सब्जियों उगाए हैं। जैसे:- काली मिर्च, लौंग, इलायची, तेजपत्ता और फलों में पपीता, बेर, शहतूत, अंजीर, आम, अमरूद, आंवला, सीताफल और चीकू के पेड़ लगाए हुए हैं। बाकी वह लौकी, करेला, गोभी, हरी मिर्च, बैंगन और टमाटर इत्यादि उगाते हैं।

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