2020 का आश्चर्यजनक पल: समुद्र तल पर विचित्र मछली दिखी, वह अपने पंख के सहारे चल रही थी: वीडियो देखें

    यूं तो समुद्र में हजारों तरह की रंगीन मछलियाँ देखने को मिलती हैं, जो दिखने में काफ़ी खूबसूरत होती हैं। तो वही कुछ मछली ऐसी होती है, जो हैरान कर देने वाली होती हैं। इन्हें देखकर बिल्कुल ऐसा नहीं लगता कि वह मछली है। कुछ दिनों पहले महासागर तल पर एक ऐसे ही मछली घूमती हुई नज़र आई जिसे एक व्यक्ति ने देखा।

    निचे वीडियो में देखें इस विचित्र मछली को

    उस मछली की प्रजाति ऐसी है कि वह बहुत धीरे-धीरे चलती है और इसके पीछे यही कारण है कि वह शिकार कर सके। वह अपना आहार ज्यादातर छोटे-छोटे केकरो और मछलियों को बनाती है। उसे देखकर बिल्कुल भी ऐसा प्रतीत नहीं होता कि वह मछली है। वह बिल्कुल अलग दिखती है। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि यह ग़लत है कि ऐसी भी मछली हो सकती है तो यह बिल्कुल सही बात है, क्योंकि वह पैरों के लिए अपने पंखों का इस्तेमाल कर समुद्र के तल पर घूमती हुई नज़र आ रही है।

    मिकी चार्टरिस ने देखा इसे

    इस अजूबे मछली को जिस व्यक्ति ने देखा उनका नाम है मिकी चार्टरिस। जिन्होंने अपना ज्यादातर जीवन इसी समुद्री क्षेत्र के पास बिताया है। उन्होंने कई ऐसे समुद्री जीव जंतु को देखा है जो दिखने में बहुत अजीब होते हैं और उन्हें यह मछली भी बहुत ही अजीब लगी जो बहुत ही धीरे-धीरे चल रही थी। थोड़ी देर के लिए तो वह भी हैरान हो गए कि वह मछली नहीं है।

    लेकिन बाद में उन्हें यक़ीन हुआ कि वह मछली की ही एक प्रजाति है। उन्होंने बताया कि यह मछली हमेशा नहीं चलती है यह अपने आहार और ज़रूरत के अनुसार ही चलती है और यह तैर भी सकती है उन्होंने इसके रंग-रूप आकार के बारे में बताया कि वह मछली दिखने में भूरे स्पंज की एक गांठ जैसी दिखती है जो गंडा के रंग का होता है।

    बहुत कम देखने को मिलता है

    समुंद्री प्रजातियों के विशेषज्ञ और कैरेबियन रिफ लाइफ के लेखक 50 वर्षीय श्री चार्टरिस नहीं बताया कि उसे ऊपर से देखने में काले रंग की पच्चर की तरह था, लेकिन नीचे से उसके होंठ लाल थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह दृश्य ऐसा था जिसे शायद ही गोताखोर भी कभी देख पाते। मुश्किल से हैं वह मछली नज़र आती है। वह हर जगह नहीं पाई जाती बल्कि किसी विशिष्ट क्षेत्रों में ही पाई जाती है और वह भी जब उथले रेत के फ्लैटों के साथ गाद भरी पानी में गोताखोरी की जाती है।

    इस तरह हम कह सकते हैं कि यह हमारे नए-नए इन्वेंशन का ही परिणाम है, जिससे हम तरह-तरह की आश्चर्यजनक प्रजातियों को देख पाने में सक्षम हैं।